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जेष्ठ माह के तीसरे बड़े मंगल को बाराबंकी के विभिन्न स्थानों में धूमधाम से हुआ भंडारे का आयोजन 🙏🏻🚩🙏🏻

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बाराबंकी, कैरियर प्वाइंट न्यूज़ संवाददाता
ज्येष्ठ माह का पहला बड़ा मंगल जनपद में धूमधाम से मनाया गया। मंदिरों को गुलाब और गेंदा के फूलों से सजाया गया। आकर्षक फूल मालाओं से बजरंग बली की मूर्तियों को सजाया गया। उनके प्रिय लाल रंग के वस्त्रों से उन्हे सवांरा गया। और बाराबंकी के विभिन्न स्थानों से दर्शन करने आये हुए भक्त जयश्रीराम और बजरंगबली की जय के जयकारों से वातावरण गूंजायमान कर दिया। सुबह ब्रहम मुर्हत के समय से ही नागेश्वरनाथ मंदिर, धनोखर स्थित धनेश्वर हनुमान मंदिर, खोया मण्डी स्थित हनुमान मंदिर, पीरबटावन स्थित राम जानकी मंदिर, में श्रद्धालुओं का लम्बा तांता रहा। नगर के समस्त हनुमान मंदिरो और शिव मंदिरो में शिव भक्तों की भीड़ रही। कई भक्तों ने अपने-अपने प्रतिष्ठानों और चैराहों पर विभिन्न प्रकार के प्रसाद वितरण किये।
हनुमान जी भगवान शिव के अवतार हैं। इनकी पूजा तत्काल फल देने वाली है। इन्हें संकटमोचन, ग्राम देवता के रूप में भी पूजा जाता है। माता सीता ने हनुमान जी को अष्ट सिद्धि और नवनिधि की प्राप्ति का वरदान दिया था। भक्त व्रत रखकर रामसीता, लक्ष्मण और हनुमान जी का पूजन कर भजन कीर्तन करते हैं और रामचरित मानस के सुंदरकांड का पाठ करना बहुत लाभदायक होता है। लाल वस्त्र, लाल चंदन, लाल फूल, सि‍ंदूर, चमेली के तेल का लेप, तुलसी पत्र, बेसन के लडडू और बूंदी से बजरंगबली शीघ्र प्रसन्न होते हैं।
कोई नहीं रहता भूखा : बड़े मंगल पर सूरज के जागने से पहले ही शहर जाग जाता। दिन चढऩे के साथ ही उत्साह उत्सव सी चहलपहल में बदल जाता। जेठ की आग बरसती दुपहरी में भंडारों की तैयारी होती। कैसा भी रास्ता हो, संकरा या चौड़ा, हर चार कदम पर भंडारा लगता। बाराबंकी में जेठ के सभी मंगल को कोई भूखा प्यासा नहीं रहता, शायद ही किसी के घर पर बनता हो। बने भी क्यों, जब भंडारे में ही हर तरह का स्वाद मिल जाता है।