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बालू से पटी नहर नहीं पहुंच रहा टेल तक पानी👍

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संवादसूत्र,


बाराबंकी – बरसात के महीने में मेघ के देवता जैसे किसानों से नाराज़ हो गये है। बरसात का महीना न होकर के लगता है जैसे सूखे का महीना हो।एक तरफ इन्द्र देव नाखुश और इधर बालू से पटी नहर।अब किसान अपने धान की फसल की सिंचाई करे तो कैसे? यह हाल है देवा पुल के पास से निकली महोलिया रजबहा जगह जगह बालू से पट जाने के कारण पानी आखिरी छोर तक नहीं पहुंच पा रहा। जिससे किसानों को धान फसलों की नहीं हो पा रही सिंचाई।
आपको बता दें कि महोलिया रजबहा से गोपालपुर, सिपहिया, गुवारी, करौंदा, मौजाबाद, गढ़ी, मचौटी, महमूदपुर,कंजवारा, दोषी पुर, रसूलपुर, हाता, गौर सादिकपुर, महुआ पुर, महोलिया, औरंगाबाद, अलीपुर, चौधरी पुरवा, टिकरा पट्टी, औरंगाबाद, फकीरशाह पुरवा, खपरैला, चंदौली, मसूदपुर, पलिया, आशिकपुर, कोडरमऊ,बिछलंगा आदि गांवों के खेतों की सिंचाई इसी रजबहा से होती है लेकिन इस बार पानी में बालू अधिक आने से नहर में जगह जगह बालू के टीले बन जाने से पानी आगे नहीं जा पाता है।रही सही किसान भी अपने खेतों की सिंचाई के लिए नहर में बांध बांधकर बालू को इकट्ठा करवाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। जिसके कारण आगे पानी न पहुंचने से धान की फसल सूखने का डर किसानों को सता रहा है। फिलहाल अब यह देखना होगा कि खबर प्रकाशित होने के बाद नहर विभाग बालू हटवाने का प्रयास करता है या नहीं।